

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
सुमेरपुर हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने सरदार पटेल की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बल्लभ भाई पटेल सही मायने में राष्ट्रीय एकीकरण के महान पुरोधा थे। इनके योगदान को कभी भी विस्मृत नहीं किया जा सकता है। इनका 31 अक्टूबर 1875 में गुजरात के नाडियाड में झबेर भाई पटेल तथा लाडबाई के घर जन्म हुआ था। ये प्रारम्भ से ही देशसेवी सोच के थे। विदेश से शिक्षा ग्रहण करने के बाद यह बैरिस्टर रहकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते रहे। देश की आजादी की लड़ाई में प्रतिभाग किया। कई बार जेल गए। किसानों के हित में बारदोली आन्दोलन किया। जनता ने इन्हें सरदार की उपाधि से विभूषित किया। 562 देशी रियासतों का एकीकरण करने पर यह भारत का बिस्मार्क और लौह पुरुष कहलाये। भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री बने। कालांतर में इस महान विभूति का 15 दिसंबर 1950 को निधन हो गया। इन्हें 1991 में भारत रत्न से नवाजा गया। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, दयाराम सोनकर, महावीर जेई, विकास रामनारायन सोनकर, प्रेम, सागर, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।